परम पूज्य भंते ज्ञानेश्वर महास्थविर को भावभीनी श्रद्धांजलि
आज, परम पूज्य भंते ज्ञानेश्वर महास्थविर के परिनिर्वाण पर, हम सभी गहरे शोक में हैं। उनका जाना केवल बोद्ध समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।भंते जी का जीवन करुणा, सेवा, शांति और ज्ञान का एक जीता-जागता प्रतीक था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार और सिद्धांतों के प्रति समर्पित कर दिया। कुशीनगर सहित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध जगत में उनका प्रभाव बहुत व्यापक था, और उनके निधन को एक युग का अंत माना जा रहा है। उन्होंने कुशीनगर में आध्यात्म के साथ-साथ शिक्षा के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की और उन्हें सहायता प्रदान की। उनकी शिक्षाएं और विनम्रता हमेशा हमें प्रेरणा देती रहेंगी। हम इस दुख की घड़ी में उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
विनम्र श्रद्धांजलि 🙏🏻💐
14/11/2025
“दारिद्र्य, जात, अपमान आणि प्रत्येक पावलावर उभे राहणारे बंद दरवाजे — या सगळ्यांशी एकट्या सुभेदार रामजी साकपाळांनी झुंज दिली, फक्त आपल्या मुलाने शिकावे म्हणून. त्यांच्या त्या न बोलता केलेल्या त्यागातूनच जगाला डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मिळाले. शिक्षणासाठीचा हा संघर्षच सिद्ध करतो — जिद्द असली की अंधकारही प्रकाशाला मार्ग देतो!” 📚✊🔥
🌸🙏🏻 सुभेदार रामजी मालोजी सपकाळ यांच्या जयंतीनिमित्त विनम्र अभिवादन 🙏🏻🌸